International yoga day in hindi-अंतराष्ट्रीय योग दिवस 2017

0
311

योग का जन्म भारत के गर्त में कहीं छिपा हैं| हमारे ग्रंथो में योग का महत्त्व हैं, जो अब पुरे विश्व का हिस्सा हैं| 21 जून साल 2015 को देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के खास आग्रह पर इस योग को अन्तराष्ट्रीय स्तर पर उठाने और इसके महत्व को सभी को समझाने हेतु इसे विश्व स्तर पर मनाया गया| साल 2015 में यह पहला अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस (International yoga day) मनाया गया| यह पहली बार हुआ था, कि संयुक्तराष्ट्र अमेरिका में किसी प्रस्ताव को महज सो दिनों में पारित किया गया|

International yoga day

अंतराष्ट्रीय योग दिवस (International yoga day in hindi)

योग दिवस (International yoga day) 21 जून को अंतराष्ट्रीय स्तर पर योग दिवस घोषित किया गया हैं|  योग साधना का महत्व भारत के इतिहास का अभिन्न अंग हैं| इसका सर्वाधिक प्रचार स्वामी विवेकानन्द जी ने किया था| इसके बाद अन्तराष्ट्रीय योग दिवस (International yoga day) प्रतिवर्ष 21 जून को मनाया जाता है| जिसकी घोषणा 27 सितम्बर 2014 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने संयुक्तराष्ट्र अमेरिका में अपने भाषण में की| जिसके बाद संयुक्तराष्ट्र संघ की 193 सदस्यों की बैठक में अंतराष्ट्रीय स्तर पर योग दिवस (International yoga day) के लिए हामी भर दी और 21 जून को अंतराष्ट्रीय योग दिवस (International yoga day) नाम दिया गया| योग हमारे जीवन में बहुत महत्व रखता हैं|

योगासन की महत्वपूर्ण जानकारी (Information of Yoga asanas in hindi)

क्र.स  आसन मुद्रा
1 ताड़ासन इसमें सीधे खड़े होकर धीरे- धीरे अपना पूरा वजन पंजे पर डालते हैं और एड़ी को उपर उठाते हैं| इस स्थिती को दौहरता  हैं और इसी स्थिती में कुछ देर खड़े रहते हैं इसे होल्ड करना कहते हैं|
2 पादहस्तासन सीधे खड़े होकर आगे की तरफ झुकते हैं और घुटने मोड़े बिना अपने पैरो के अंगूठे छूते हैं| इसके बाद अपने सिर को जन्घो पर टच करने की कोशिश करते हैं|
3 शीर्षासन इसमें सिर के बल पर खड़ा हुआ जाता हैं|
4 त्रिकोणासन इसमें सीधे खड़े होकर पैरो के मध्य कुछ जगह की जाती हैं| कमर से नीचे की तरफ झुकते हैं साथ ही बिना घुटने मोड़े सीधे हाथ से उलटे पैर के पंजे को एवम उलटे हाथ से सीधे पैर के पंजे को स्पर्श करते हैं|
5 वज्रासन दोनों पैरो को मोड़ कर, रीढ़ की हड्डी को सीधा रख कर अपने हाथों को घुटनों पर रखते हैं|
6 शलभासन इसमें पेट के बल लेता जाता हैं एवम हाथो और पैरो को सीधे हवा में खोल कर रखा जाता हैं|
7 धनुरासन इसमें पेट के बल पर लेट कर हाथो से पैरो को पकड़ा जाता हैं| एक धनुष का आकार बनता हैं|
8 चतुरङ्गदण्डासन इसमें उलटा लेट कर अपने हाथ के पंजो एवम पैर की उँगलियों पर शरीर का पूरा बैलेंस बनाया जाता हैं|
9 भुजङ्गासन इसमें उल्टा लेट कर पेट, जांघ, घुटने एवम पैर के पंजे सभी जमीन पर होते हैं और शरीर के आगे का हिस्सा हाथों के बल पर उपर की तरह उठाया जाता हैं| इसमें हाथ की कोहनी थोड़ी सी मुड़ी हुई होती हैं|

Benefits Of Yoga (योग के फायदे)

  • फिटनेस (Fitness)

योग से शारीरिक तंदुरुस्ती तो आती ही हैं, लेकिन सबसे ज्यादा मानसिक शांति मिलती हैं| इससे मन शांत रहता हैं एवम तनाव कम होता हैं| साथ ही यह शरीर की सभी क्रियाओं को नियंत्रित भी करता हैं| योग से जीवन के सभी भाव नियंत्रित होते हैं जैसे ख़ुशी, दुःख, प्यार

  • वजन कम (Lose weight)

योग की सबसे प्रभावशाली विधा हैं सूर्य नमस्कार, जिससे शरीर में लचीलापन आता हैं| रक्त का प्रवाह अच्छा होता हैं| शरीर की अकड़न, जकड़न में आराम मिलता हैं| योग से वजन नियंत्रित रहता हैं| जिनका वजन कम है, वह बढ़ता हैं और जिनका अधिक हैं कम होता हैं|

  • एकाग्रचित्त (Concentrated)

योग से मन एकाग्रचित्त रहता है, उसमे शीतलता का भाव आता है और चिंता जैसे विकारों का अंत होता हैं|योग से गुस्सा कम आता है, इससे ब्लड प्रेशर नियंत्रित रहता है, जिससे शारीरिक एवम मानसिक संतुलन बना रहता हैं|

  • मानसिक शांति (mantle piece)

योग से मन शांत रहता हैं| दिमाग दुरुस्त होता है, जिससे सकारात्मक विचार का प्रवाह होता हैं| सकारात्मक भाव से जीवन का नजरिया बदल जाता हैं| इन्सान को किसी भी वस्तु, अन्य इन्सान या जानवर में कुछ गलत दिखाई नहीं देता| किसी के लिए मन में बैर नहीं रहता|इस तरह योग से मनुष्य का मनोविकास होता हैं|

  • स्वस्थ शरीर (Healthy body)

योग  से शरीर का ब्लड का प्रवाह नियंत्रित रहता है, जिससे शरीर में चुस्ती आती है, जो कि हानिकारक टोक्सिंस को बाहर निकालती है, जिससे शरीर के विकार दूर होते हैं और रोगियों को इससे आराम मिलता हैं| साथ ही सकारात्मकता का भाव प्रवाहित होता हैं| जिससे शरीर स्वस्थ रहता हैं|

  • मनोबल (Morale)

योग से मनुष्य में आत्मबल बढ़ता हैं, कॉन्फिडेंस आता हैं| जीवन के हर क्षेत्र में कार्य में सफलता मिलती हैं| मनुष्य हर परिस्थिती से लड़ने के काबिल होता हैं| साथ ही जीवन की चुनौतियों को उत्साह से लेता हैं|

  • लचीलापन (Flexibility)

योग से शरीर की जकड़न खत्म होती हैं| शरीर में वसा की मात्रा कम होती हैं जिससे लचीलापन आता हैं| लचीले पन के कारण शरीर में कभी अनावश्यक दर्द नहीं रहता| और शरीर को जिस तरह का होना चाहिये, उसकी बनावट धीरे-धीरे रोजाना योग करने से ठीक हो जाती हैं|

  • प्रतिरोधक (Resistant)

योग  से उपापचय की क्रिया दुरुस्त होती हैं और श्वसन क्रिया संतुलित होती हैं जिससे मनुष्य में रोगों से लड़ने की क्षमता बढ़ती हैं| बड़ी से बड़ी बीमारी से लड़ने के लिए शक्ति का संचार होता हैं| योग एवम ध्यान में बड़ी से बड़ी बीमारी के लिए उपाय हैं|

  • उर्जा (Power)

मनुष्य रोजाना कई गतिविधियाँ करता है और दिन के अंत में थक जाता है, लेकिन अगर वह नियमित योगा करता है, तो उसमे उर्जा का संचार होता हैं| थकावट या किसी भी काम के प्रति उदासी का भाव नहीं रहता| सभी अंगो को अपना कार्य करने के लिए पर्याप्त उर्जा मिलती है, क्यूंकि योग से भोजन का सही मायने में पाचन होता हैं जो दैनिक उर्जा को बढ़ाता हैं| योग को आप जादू भी कह सकते है, नियमित योग करने से जीवन के प्रति उत्साह बढ़ता हैं| आत्मबल बढ़ता हैं, सकारात्मक भाव आता है, साथ ही आत्म विश्वास में भी वृद्धी होती है, जिससे जीवन के प्रति उत्साह बढ़ता हैं|

योग दिवस की घोषणा के पीछे एक ही उद्देश्य है, धर्म जाति से उपर उठकर समाज कल्याण के लिए एक शुरुआत करना| योग से जीवन के हर क्षेत्र में लाभ हैं इससे कई तकलीफों का अंत हैं| अतः सभी धर्म एवम जाति में योग के प्रति जागरूकता होनी चाहिये|

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here